Press "Enter" to skip to content

रांची से जमशेदपुर तक आयकर विभाग का बड़ा एक्शन: बाबा राइस मिल ग्रुप के 45 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

रांची/जमशेदपुर: झारखंड में नए साल की पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा (Investigation Wing) ने ‘बाबा राइस मिल ग्रुप’ और उससे जुड़े व्यापारियों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी है। यह छापेमारी झारखंड के रांची, जमशेदपुर, हजारीबाग समेत बिहार के गया और औरंगाबाद जिलों में कुल 45 ठिकानों पर की जा रही है।

गोपनीय तरीके से पहुंची टीमें


आयकर विभाग ने इस ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा। बताया जा रहा है कि विभाग के अधिकारी निजी नंबर प्लेट वाली गाड़ियों से ठिकानों पर पहुंचे ताकि किसी को भनक न लगे। स्थानीय पुलिस को भी इसकी जानकारी तब मिली जब टीमें मौके पर पहुंच गईं।


प्रमुख ठिकानों पर कार्रवाई


रांची: राजधानी के कांके रोड, रातू रोड, हरमू रोड और पिस्का नगड़ी स्थित बाबा राइस मिल के प्लांट और संचालकों के आवासों पर जांच चल रही है। नगड़ी स्थित आटा और चावल मिल प्लांट में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।


जमशेदपुर: बिष्टुपुर के सर्किट हाउस एरिया (रोड नंबर-3) स्थित प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और कारोबारी मनोज चौधरी के बंगले (33C) पर टीम ने घंटों जांच की। सूत्रों के अनुसार, मनोज चौधरी बाबा राइस मिल ग्रुप से जुड़े वित्तीय कामकाज देखते हैं। इसके अलावा शहर के अन्य कारोबारी संजय अग्रवाल के ठिकानों पर भी सर्वे की सूचना है।


बिहार: गया और औरंगाबाद में लगभग 20 ठिकानों पर आयकर की टीमें दस्तावेजों को खंगाल रही हैं। गया में धान और गल्ला व्यापारियों के गोदामों पर भी छापेमारी हुई है।


जांच के मुख्य बिंदु

  • विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई निम्नलिखित संदिग्ध गतिविधियों के इनपुट के आधार पर की गई है:
  • टैक्स चोरी: वास्तविक आमदनी को छिपाकर बड़े पैमाने पर कर चोरी का आरोप।
  • स्टॉक सत्यापन: राइस मिलों में मौजूद धान और चावल के भौतिक स्टॉक (Physical Verification) का मिलान कागजों से किया जा रहा है।
  • शेल कंपनियां: संदेह है कि शेल कंपनियों के जरिए वित्तीय हेराफेरी की गई है।
  • बेनामी संपत्ति: छापेमारी के दौरान निवेश से जुड़े कई अहम दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और बैंक लॉकर की चाबियां मिली हैं, जिनकी जांच जारी है।व्यापारिक जगत में हड़कंप
    • व्यापारिक जगत में हड़कंप
  • बाबा राइस मिल ग्रुप झारखंड और बिहार के प्रमुख चावल आपूर्तिकर्ताओं में से एक है। इतनी बड़ी संख्या में एक साथ हुई छापेमारी से पूरे राज्य के कारोबारी जगत में हड़कंप मच गया है। फिलहाल विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद करोड़ों रुपये की बेहिसाब संपत्ति और अघोषित निवेश का बड़ा खुलासा हो सकता है।
  • नोट: यह खबर वर्तमान में चल रही जांच पर आधारित है और विवरण अपडेट किए जा सकते हैं।

One Comment

  1. C K Pathak C K Pathak January 30, 2026

    REQUIRED ACTION

Leave a Reply

Discover more from DISCOVERY BHARAT

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading