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हजारीबाग-बिहार बॉर्डर से कैरव गांधी का रेस्क्यू, पुलिस की बड़ी कामयाबी।

रिपोर्ट: विश्वजीत पांडेय

जमशेदपुर से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। पिछले 14 दिनों से लापता युवा उद्यमी और औद्योगिक घराने के वारिस कैरव गांधी को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने आज तड़के सुबह करीब 4:30 बजे कैरव को उनके घर पहुंचाया। 13 जनवरी को हुआ यह हाई-प्रोफाइल अपहरण मामला अब सुखद अंत की ओर है|

पूरा मामला 13 जनवरी का है, जब बिष्टुपुर के प्रसिद्ध उद्योगपति देवांग गांधी के 24 वर्षीय बेटे कैरव गांधी अपनी फैक्ट्री के लिए निकले थे। रास्ते में फर्जी नंबर प्लेट और सायरन लगी एक सफेद स्कॉर्पियो ने उनका रास्ता रोका और फिल्मी अंदाज में उन्हें अगवा कर लिया गया। अपराधियों ने परिवार से इंडोनेशियाई नंबर के जरिए व्हाट्सएप कॉल कर पहले 5 करोड़ और बाद में 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी।

झारखंड पुलिस के लिए यह साख का सवाल बन गया था। खुद सूबे की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने दो दिन पहले जमशेदपुर आकर केस की कमान संभाली थी। जमशेदपुर एसएसपी पीयूष पांडे और सिटी एसपी कुमार शिवाशीष के नेतृत्व में गठित 7 एसआईटी (SIT) टीमों ने झारखंड, बिहार और बंगाल में छापेमारी की। आखिरकार, तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने कैरव को हजारीबाग के बरही और बिहार बॉर्डर के पास से सुरक्षित छुड़ा लिया।

पुलिस का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता कैरव की सुरक्षित वापसी थी, जिसमें वे सफल रहे। अपराधियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही इस पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा।पल-पल की अपडेट के लिए बने रहिए हमारे साथ।"

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