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कैरव गांधी अपहरणकांड: क्या अपराधियों ने फिरौती लेकर छोड़ा? अबतक क्या – क्या पता चला?

कैरव गांधी अपहरणकांड का पटाखा, 14 दिन बाद सुरक्षित घर लौटे युवा उद्यमी; गया और नालंदा से 3 अपराधी गिरफ्तार

जमशेदपुर/गया: लौहनगरी के चर्चित ‘गांधी खादी भंडार’ के मालिक और प्रसिद्ध उद्योगपति देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण मामले में झारखंड और बिहार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 14 दिनों तक चले हाई-प्रोफाइल ड्रामे के बाद कैरव गांधी मंगलवार तड़के सुरक्षित अपने घर लौट आए। पुलिस ने इस मामले में बिहार के गया और नालंदा से 3 अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

प्रमुख घटनाक्रम: अपहरण से बरामदगी तक

  • 13 जनवरी: 24 वर्षीय कैरव गांधी अपनी कार से आदित्यपुर स्थित फैक्ट्री के लिए निकले थे, लेकिन बीच रास्ते में ‘पुलिस’ लिखी एक स्कॉर्पियो ने उनका रास्ता रोका और उनका अपहरण कर लिया। उसी रात उनकी कार लावारिस हालत में कांडरबेड़ा (NH-33) के पास मिली।
  • फिरौती की मांग: अपहरणकर्ताओं ने इंडोनेशिया और थाईलैंड के वर्चुअल व्हाट्सएप नंबरों का उपयोग करके करीब 17 बार कॉल किए और 5 से 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी।
  • पुलिस की घेराबंदी: झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा और एसएसपी पीयूष पांडे के नेतृत्व में 7 एसआईटी (SIT) टीमें बिहार, बंगाल और ओडिशा में छापेमारी कर रही थीं।
  • 27 जनवरी (तड़के 4:30 बजे): पुलिस के बढ़ते दबाव और सघन चेकिंग के कारण अपराधी घबरा गए। जब वे कैरव को एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट कर रहे थे, तभी हजारीबाग-गया सीमा (चौपारण-बरही) के पास सड़क किनारे उन्हें छोड़कर फरार हो गए।

गया और नालंदा में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बिहार के गया और नालंदा जिलों में छापेमारी कर 3 मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है। इनके पास से निम्नलिखित बरामदगी हुई है:

  • वाहनों की जब्ती: अपहरण में इस्तेमाल की गई ‘पुलिस’ लिखी स्कॉर्पियो और एक अन्य कार।
  • हथियार: अपराधियों के पास से अवैध हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
  • सिंडिकेट का खुलासा: पकड़े गए अपराधी अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य बताए जा रहे हैं, जो बिहार के नालंदा (साइबर और संगठित अपराध का केंद्र) से जुड़े हैं।

फिरौती का सवाल?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अपराधियों ने फिरौती लेने के बाद ही कैरव को छोड़ा, हालांकि पुलिस का आधिकारिक बयान है कि ‘पुलिस के बढ़ते दबाव’ की वजह से अपराधी पीड़ित को छोड़ने पर मजबूर हुए।

One Comment

  1. C K Pathak C K Pathak January 30, 2026

    This question should be asked to Hemant Soren.

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