आईआईएम रायपुर और टाटा स्टील फाउंडेशन की सामाजिक प्रभाव और समावेशी विकास के लिए साझेदारी
आईआईएम रायपुर और टाटा स्टील फाउंडेशन की सामाजिक प्रभाव और समावेशी विकास के लिए साझेदारी
सामाजिक प्रभाव, जन नीति और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्रों में शिक्षा, अनुसंधान और अनुभवात्मक सीख को सशक्त बनाने हेतु सहयोग
जमशेदपुर, रायपुर, रांची, 15 जनवरी 2026: शैक्षणिक कक्षाओं को समुदायों के और निकट लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर और टाटा स्टील फाउंडेशन (टीएसएफ) ने सामाजिक प्रभाव, जन नीति, सस्टेनेबिलिटी और समावेशी विकास के क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह साझेदारी अनुभवात्मक सीख, ज्ञान सृजन और क्षमता निर्माण के माध्यम से विद्यार्थियों, पेशेवरों और विकास क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के लिए शिक्षा, अनुसंधान और व्यवहार को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखती है। आईआईएम रायपुर एक अग्रणी सार्वजनिक प्रबंधन संस्थान है, जबकि टाटा स्टील फाउंडेशन, टाटा स्टील की सामाजिक विकास इकाई है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, पर्यावरण, सामाजिक न्याय और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में कार्यरत है।
यह साझेदारी टाटा स्टील फाउंडेशन और आईआईएम रायपुर के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर और उसके आदान–प्रदान के साथ औपचारिक रूप से स्थापित हुई। इस अवसर पर डॉ. संजीव प्रशर, डायरेक्टर–इन–चार्ज; डॉ. सरोज पानी, डीन – अकादमिक्स; डॉ. नवनीत भटनागर, एरिया चेयर – स्ट्रैटेजी; एमएसआई टीम से डॉ. राहुल हिरेमथ, डॉ. सुनीता एस और डॉ. संदीप एस; टाटा स्टील फाउंडेशन के सीईओ सौरव रॉय तथा जन नीति और अनुसंधान के परामर्शदाता डॉ. विनायक किशोर उपस्थित थे।
सहयोग के तहत, दोनों संस्थान संयुक्त रूप से पाठ्यक्रमों, इमर्सिव लर्निंग कार्यक्रमों और सामुदायिक सहभागिता पहलों का सह-निर्माण करेंगे। यह साझेदारी संयुक्त अनुसंधान, ज्ञान उत्पादों तथा ऐसे प्लेटफॉर्म पर भी केंद्रित होगी, जो आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधित्व को सशक्त बनाएँ।
एमओयू का एक प्रमुख घटक ‘उनुरुम – सोशल इमर्शन प्रोग्राम’ है, जिसके माध्यम से आईआईएम रायपुर के छात्रों को जमीनी स्तर पर विकास कार्यों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा। यह सहयोग सतत ज्ञान आदान-प्रदान को भी प्रोत्साहित करता है, जिसके अंतर्गत दोनों संस्थान अपनी विशेषज्ञता साझा कर एक-दूसरे की क्षमताओं को सुदृढ़ करेंगे।
टाटा स्टील फाउंडेशन ने वर्षों के दौरान एक्सएलआरआई जमशेदपुर, आईआईएम रांची, आईआईएम रायपुर और इंडियन स्कूल ऑफ बिज़नेस, हैदराबाद जैसे शैक्षणिक संस्थानों के साथ कई बौद्धिक सहयोग किए हैं। इन साझेदारियों के तहत अब टीएसएफ के पेशेवर सामाजिक प्रभाव, जन नीति, प्रबंधन, रणनीति सहित अन्य विषयों से जुड़े लक्षित शैक्षणिक और ज्ञान-आधारित कार्यक्रमों व सामग्री के सह-निर्माण और सह-प्रस्तुति में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
इस अवसर पर आईआईएम रायपुर के निदेशक डॉ. संजीव प्रशर ने कहा, “इस सहयोग के माध्यम से हमारा उद्देश्य भविष्य के लीडर्स को समाज की वास्तविकताओं के प्रति संवेदनशील बनाना, समुदायों के साथ सार्थक जुड़ाव को प्रोत्साहित करना और आर्थिक लक्ष्यों के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का संतुलन स्थापित करने वाली निर्णय प्रक्रिया को विकसित करना है। ऐसे प्रयास नैतिक मूल्यों पर आधारित और विकासोन्मुख नेतृत्व को आकार देने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।”
अपने विचार साझा करते हुए टाटा स्टील फाउंडेशन के सीईओ सौरव रॉय ने कहा, “आईआईएम रायपुर के साथ यह सहयोग नेतृत्व और प्रबंधन शिक्षा में सामाजिक दृष्टिकोण को समाहित करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। शैक्षणिक गहराई और जमीनी अनुभव को एक साथ लाकर हम सार्थक सीखने की यात्राएँ तैयार करना, प्रासंगिक ज्ञान सृजित करना और जमीनी वास्तविकताओं से जुड़े भविष्य के लीडर्स को तैयार करना चाहते हैं। आने वाले समय में यह साझेदारी मजबूत प्रभावी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण, सहयोगात्मक शोध को प्रोत्साहित करने और समावेशी विकास में योगदान देने वाले शिक्षण मॉडलों के विस्तार में सहायक होगी।”
इस साझेदारी के माध्यम से आईआईएम रायपुर और टाटा स्टील फाउंडेशन का उद्देश्य शैक्षणिक अध्ययन को जमीनी स्तर की व्यवहारिक समझ से जोड़ते हुए सामाजिक चुनौतियों का समाधान करना और समावेशी विकास को समर्थन देना है।

