JHARKHAND

जमशेदपुर अलर्ट: 25 लाख कैश के साथ उद्योगपति का बेटा लापता, झाड़ियों में मिली चाबी लगी कार!

जमशेदपुर में सनसनी: उद्योगपति देवांग गांधी का बेटा 25 लाख कैश के साथ लापता, कांदरबेड़ा की झाड़ियों में मिली कार

जमशेदपुर: लौहनगरी और उससे सटे औद्योगिक क्षेत्र आदित्यपुर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शहर के जाने-माने उद्योगपति और एसिया (ASIA) के उपाध्यक्ष देवांग गांधी के 22 वर्षीय बेटे कैरव गांधी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। कैरव के अपहरण की प्रबल आशंका जताई जा रही है क्योंकि उनकी कार लावारिस हालत में चांडिल थाना क्षेत्र के पास मिली है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, सर्किट हाउस एरिया निवासी कैरव गांधी मंगलवार की सुबह करीब 11:30 बजे अपनी सफेद रंग की क्रेटा कार से घर से निकले थे। उन्होंने परिजनों को बताया था कि वे बैंक के काम से जा रहे हैं और उनके पास लगभग 25 लाख रुपये की नकद राशि भी थी। दोपहर करीब 1:45 बजे के बाद से उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ आने लगा, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई।

झाड़ियों में मिली कार, जमीन पर पड़ा था मोबाइल

खोजबीन के दौरान पुलिस को कैरव की कार NH-33 पर कांदरबेड़ा (चांडिल) के पास सड़क किनारे झाड़ियों में खड़ी मिली। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, वे अपहरण की ओर इशारा कर रहे हैं:

  1. * कार के इग्निशन में चाबी लगी हुई थी।
  2. * कैरव का मोबाइल फोन कार के ठीक नीचे जमीन पर पड़ा मिला।
  3. * कार के अंदर या आसपास कैरव और पैसों का कोई सुराग नहीं मिला है

पुलिस की कार्रवाई और नाकाबंदी

घटना की सूचना मिलते ही सरायकेला-खरसावां के एसपी और जमशेदपुर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और जिले की सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस जांच के मुख्य बिंदु:

  1. * CCTV फुटेज: बिष्टुपुर, मरीन ड्राइव और कांदरबेड़ा टोल गेट के आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है।
  2. * मोबाइल डंप डेटा: पुलिस घटना स्थल के आसपास के मोबाइल टावर का डंप डेटा निकाल रही है ताकि पता चल सके कि उस वक्त वहां कौन-कौन से मोबाइल नंबर सक्रिय थे।
  3. * परिचितों से पूछताछ: पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या कोई कैरव का पीछा कर रहा था या उन्हें किसी ने मिलने के लिए बुलाया था।

शहर के व्यापारिक वर्ग में आक्रोश और डर

कैरव गांधी के दादा स्वर्गीय कांतिलाल गांधी शहर के बड़े समाजसेवी थे (जिनके नाम पर बिष्टुपुर में KGM अस्पताल है)। इस घटना के बाद जमशेदपुर और आदित्यपुर के उद्यमियों में भारी आक्रोश है। व्यापारिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन से कैरव की सुरक्षित बरामदगी की मांग की है।

> नोट: समाचार लिखे जाने तक कैरव का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
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