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Voter ID सत्यापन के नाम पर बड़ा फ्रॉड, डेटा हो रहा क्लोन

डिस्कवरी भारत ब्यूरो, जमशेदपुर: जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में वोटर आईडी (Voter ID) वेरिफिकेशन के नाम पर एक नया और बेहद खतरनाक साइबर फ्रॉड गिरोह सक्रिय हो गया है। डिस्कवरी भारत की पड़ताल में सामने आया है कि साइबर अपराधी आम नागरिकों को व्हाट्सएप और एसएमएस के माध्यम से फर्जी फिशिंग लिंक भेज रहे हैं। इस लिंक पर क्लिक करते ही यूजर के मोबाइल और लैपटॉप का पूरा निजी व बैंकिंग डेटा क्लोन हो रहा है।

कैसे काम कर रहा है यह खतरनाक फिशिंग नेटवर्क

स्थानीय पुलिस और साइबर सेल विशेषज्ञों के अनुसार, जालसाज चुनाव आयोग या निर्वाचन अधिकारी का फर्जी प्रतिनिधि बनकर मैसेज भेजते हैं। इसमें लिखा होता है कि आपका Voter ID अपडेट नहीं है या सत्यापन अधूरा है, जिसे तुरंत पूरा न करने पर मतदाता सूची से नाम काट दिया जाएगा। मैसेज के साथ एक संदिग्ध एपीके (APK) फाइल या वेब लिंक दिया जाता है।

  • लिंक पर क्लिक: जैसे ही नागरिक लिंक खोलते हैं या एप डाउनलोड करते हैं, बैकग्राउंड में मालवेयर इंस्टॉल हो जाता है।
  • डेटा क्लोनिंग: यह मालवेयर डिवाइस के कॉन्टैक्ट्स, फोटो गैलरी, ओटीपी (OTP) और बैंकिंग ऐप्स का डेटा हैकर्स के सर्वर पर ट्रांसफर कर देता है।
  • रिमोट एक्सेस: ठग दूर बैठे ही पीड़ित के स्मार्टफोन या कंप्यूटर को पूरी तरह नियंत्रित कर वित्तीय चपत लगा रहे हैं।

प्रशासन और पुलिस की सख्त चेतावनी

डिस्कवरी भारत को प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर साइबर पुलिस ने इस संबंध में व्यापक अलर्ट जारी किया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन आयोग कभी भी किसी मतदाता को एसएमएस या व्हाट्सएप लिंक के जरिए वोटर आईडी वेरिफिकेशन के लिए नहीं कहता है।

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अज्ञात नंबर से आए लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई अनजान ऐप डाउनलोड करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे तत्काल राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना देनी चाहिए या नजदीकी थाने के साइबर डेस्क से संपर्क करना चाहिए।

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