डिस्कवरी भारत ब्यूरो, जमशेदपुर: औद्योगिक नगरी जमशेदपुर स्थित टाटा स्टील प्लांट परिसर में सुरक्षा मानकों को सख्त करते हुए रोड सेफ्टी के नए दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। प्रबंधन द्वारा भारी वाहनों और दोपहिया वाहनों के प्रवेश व निकासी के समय में किए गए अचानक बदलाव से कंपनी कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों में गहरा असंतोष देखा जा रहा है।
समय सारिणी में बदलाव और नए कड़े नियम
डिस्कवरी भारत को प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्लांट परिसर के भीतर हादसों को रोकने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। नए नियमों के तहत संयंत्र परिसर में भारी मालवाहक वाहनों और दोपहिया वाहनों के आवागमन के समय को अलग-अलग कर दिया गया है।
- शिफ्ट टाइमिंग पर प्रतिबंध: अब पाली (शिफ्ट) बदलने के मुख्य घंटों के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक रहेगी।
- दोपहिया वाहनों के लिए नया समय: गेट पर लगने वाले जाम से बचने के लिए दोपहिया वाहनों के लिए विशेष समय सीमा तय की गई है।
- सुरक्षा जांच में सख्ती: बिना हेलमेट, ओवरस्पीडिंग और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना तथा पंचिंग कार्ड ब्लॉक करने का प्रावधान किया गया है।
कर्मचारियों में नाराजगी की मुख्य वजह
डिस्कवरी भारत की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि नए नियमों की वजह से गेट पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। कर्मचारियों का कहना है कि नए समय निर्धारण के कारण उन्हें पंचिंग के समय देरी हो रही है, जिससे उनकी हाजिरी प्रभावित होने का डर है। कर्मचारी प्रतिनिधियों ने तर्क दिया है कि बिना व्यावहारिक आकलन के नियम लागू करने से यह समस्या पैदा हुई है।
प्रबंधन का रुख और आगामी कदम
टाटा स्टील सुरक्षा प्रबंधन का मानना है कि यह निर्णय कर्मचारियों की जानमाल की सुरक्षा के मद्देनजर बेहद जरूरी था। हालांकि, बढ़ते विरोध और कर्मचारियों की समस्याओं को देखते हुए सुरक्षा विभाग और श्रमिक संघ प्रतिनिधियों के बीच जल्द ही समीक्षा बैठक होने की संभावना है, ताकि यातायात व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जा सकें।
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