डिस्कवरी भारत ब्यूरो, जमशेदपुर: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 734 करोड़ रुपये के चर्चित GST फर्जीवाड़े के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जमशेदपुर और पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है। डिस्कवरी भारत को प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ED की विशेष टीमों ने जमशेदपुर के तीन और पश्चिम बंगाल के चार ठिकानों पर सुबह-सुबह दबिश दी। इस दौरान संदिग्ध कारोबारियों से जुड़े परिसरों की गहनता से जांच की जा रही है।
फर्जी शेल कंपनियों और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का मामला
डिस्कवरी भारत की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि यह पूरा मामला कई फर्जी (शेल) कंपनियां बनाकर अरबों रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल करने से जुड़ा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय जांच एजेंसी को लंबे समय से इन संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की इनपुट मिल रही थी। जमशेदपुर के प्रमुख व्यापारियों और उनके वित्तीय सलाहकारों से जुड़े ठिकानों पर ED के अधिकारियों ने पहुंचकर जांच शुरू की।
छापेमारी और जांच के मुख्य बिंदु
- जमशेदपुर के तीन प्रमुख व्यावसायिक एवं आवासीय ठिकानों पर ED की टीम की छापेमारी जारी।
- पश्चिम बंगाल के चार अलग-अलग ठिकानों पर भी एक साथ शुरू की गई सर्च कार्रवाई।
- जांच टीमों ने कई महत्वपूर्ण कागजात, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड जब्त किए हैं।
- 734 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी GST इनपुट टैक्स क्रेडिट के संदिग्ध इस्तेमाल की जांच।
आगे की प्रशासनिक कार्रवाई और जांच का दायरा
स्थानीय पुलिस और अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, छापेमारी की यह प्रक्रिया अभी जारी है और जांच टीम जब्त किए गए दस्तावेजों का मिलान कर रही है। वित्तीय अनियमितता से जुड़े इस मामले में कई अन्य बड़े कारोबारियों के नाम भी सामने आने की संभावना है। जांच पूरी होने के बाद जांच एजेंसी द्वारा आधिकारिक बयान जारी किया जा सकता है। डिस्कवरी भारत इस पूरे मामले पर लगातार अपनी नजर बनाए हुए है।



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