डिस्कवरी भारत ब्यूरो, जमशेदपुर: जमशेदपुर में 734 करोड़ रुपये के बहुचर्चित जीएसटी (GST) फर्जीवाड़ा मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। डिस्कवरी भारत को प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम ने कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल और उनके पुत्र को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से शहर के व्यापारिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
घोटाले का पूरा मामला और फर्जीवाड़े का तंत्र
डिस्कवरी भारत की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि आरोपियों पर फर्जी शेल कंपनियों का नेटवर्क खड़ा कर 734 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का अवैध लाभ उठाने का आरोप है। जांच एजेंसियों के अनुसार, कागजों पर फर्जी कंपनियां बनाकर बिना किसी वास्तविक माल की आपूर्ति के सिर्फ बिलों का आदान-प्रदान किया जा रहा था, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा है।
ईडी की छापेमारी और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
स्थानीय अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी काफी समय से साक्ष्य जुटा रही थी। जांच के दौरान मिले पुख्ता सबूतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है:
- प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व में आरोपियों के आवासीय और व्यावसायिक ठिकानों पर गहन छापेमारी की थी।
- छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और फर्जी कंपनियों की मुहरें बरामद की गईं।
- लगातार हुई पूछताछ में संतोषजनक जवाब न मिलने पर ईडी ने ज्ञानचंद जायसवाल और उनके पुत्र को गिरफ्तार किया।
- कोर्ट में पेशी के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
आगे की जांच और अन्य सहयोगियों पर शिकंजा
व्यापारिक क्षेत्र में फर्जीवाड़े के इस बड़े मामले में केंद्रीय एजेंसियां अब यह भी पता लगा रही हैं कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले की जांच का दायरा और बढ़ सकता है तथा कुछ अन्य लोगों की भी गिरफ्तारियां संभव हैं। डिस्कवरी भारत इस खबर से जुड़े हर पहलू पर निरंतर नजर बनाए हुए है।



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