डिस्कवरी भारत ब्यूरो, जमशेदपुर: जमशेदपुर स्थित प्रसिद्ध गुलमोहर हाई स्कूल में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और श्रीमद्भगवद्गीता के सार्वभौमिक संदेशों के प्रसार के उद्देश्य से भव्य ‘गीता श्लोक पाठ प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 8 तक के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लेकर गीता के गूढ़ श्लोकों का लयबद्ध व भक्तिमय पाठ किया।
संस्कृत उच्चारण और आत्मविश्वास से मंत्रमुग्ध हुए निर्णायक
प्रतियोगिता के दौरान नन्हे प्रतिभागियों ने न केवल श्लोकों का स्पष्ट व शुद्ध उच्चारण किया, बल्कि उनके अर्थ को भी अत्यंत सहज और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों के संस्कृत भाषा पर अधिकार, आत्मविश्वास और प्रवाह की वहां मौजूद निर्णायकों और दर्शकों ने मुक्तकंठ से सराहना की।
इस आयोजन में पूर्व शिक्षिका मृदुला कुमारी और मीना ने निर्णायक की भूमिका निभाई। उनके सूक्ष्म मूल्यांकन के बाद, कक्षा 8वीं की छात्रा मयूरी को उनकी स्पष्ट अभिव्यक्ति, सजीव प्रस्तुति और आत्मविश्वास के लिए ‘बेस्ट ओरेटर’ (सर्वश्रेष्ठ वक्ता) के खिताब से नवाजा गया।
गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, जीवन का मार्गदर्शक: प्राचार्या
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की प्राचार्या प्रीति सिन्हा और उप-प्राचार्या अर्चना श्रीवास्तव ने विजेता एवं सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया। प्राचार्या प्रीति सिन्हा ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता महज एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा शाश्वत मार्गदर्शक है जो विद्यार्थियों को जीवन में साहस, अनुशासन, विवेक और उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ना सिखाता है।
प्रतियोगिता के मुख्य बिंदु
- आयोजन: गुलमोहर हाई स्कूल, जमशेदपुर में गीता श्लोक पाठ प्रतियोगिता।
- प्रतिभागी: कक्षा VI से VIII के छात्र-छात्राएं।
- ‘बेस्ट ओरेटर’ पुरस्कार: कक्षा 8वीं की छात्रा मयूरी को प्रदान किया गया।
- निर्णायक मंडल: पूर्व शिक्षिकाएं मृदुला कुमारी एवं मीना।
- सफल संयोजन: शशि भूषण पाठक, संजू वर्मा, माला सिंह, बबीता कुमारी, रिंकू कुमारी और आशा पांडे द्वारा।
समारोह के अंत में सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। इस पूरे कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं की सराहनीय भूमिका रही। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी और शिक्षक उपस्थित थे।



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