डिस्कवरी भारत ब्यूरो, जमशेदपुर: औद्योगिक नगरी जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र में घनी आबादी और संकरे बाजारों के बीच चल रहे पटाखा गोदाम स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़े खतरे का कारण बन चुके हैं। सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर घरों और व्यावसायिक परिसरों के भीतर अवैध रूप से भारी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री और पटाखे जमा किए गए हैं। किसी भी समय कोई अनहोनी होने पर यहाँ भारी जान-माल के नुकसान से इनकार नहीं किया जा सकता है।
घनी आबादी के बीच बारूद का अवैध भंडारण
डिस्कवरी भारत की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि जुगसलाई के संकीर्ण मुख्य बाजार, गद्दी मोहल्ला और आसपास के रिहाइशी इलाकों में कई व्यापारियों ने बिना पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के गोदाम बना रखे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए इन गोदामों में पटाखों का भारी स्टॉक डंप किया जाता है। संकरी गलियां होने के कारण अगर कोई आपात स्थिति पैदा होती है, तो दमकल की गाड़ियों का वहाँ पहुँचना बेहद मुश्किल होगा।
सुरक्षा नियमों और लाइसेंस की अनदेखी
प्रशासनिक नियमों के मुताबिक रिहाइशी इलाकों में विस्फोटक और अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों का व्यावसायिक भंडारण पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
- सुरक्षा मानकों का अभाव: गोदामों में अग्निशमन उपकरण या तो अनुपलब्ध हैं या फिर चालू स्थिति में नहीं हैं।
- संकरी गलियां: आपात स्थिति में रेस्क्यू ऑपरेशन और फायर ब्रिगेड के आवागमन में भारी बाधा उत्पन्न हो सकती है।
- अवैध स्टॉक: निर्धारित सीमा से कई गुना ज्यादा पटाखे गोदामों में जमा किए जा रहे हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई और जनता की मांग
डिस्कवरी भारत को प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए जल्द ही जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा जुगसलाई के विभिन्न परिसरों में सघन जांच अभियान चलाया जा सकता है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि रिहाइशी इलाकों से इन खतरनाक गोदामों को तत्काल स्थानांतरित किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।



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