डिस्कवरी भारत ब्यूरो, जमशेदपुर: प्रकाश के महापर्व दीवाली की उल्टी गिनती शुरू होते ही जमशेदपुर के बाजारों में उत्सव जैसा माहौल बन गया है। शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में दुकानों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जहां फैंसी दीयों, इलेक्ट्रॉनिक लाइटों और तरह-तरह के सजावटी सामानों की भारी मांग देखी जा रही है। डिस्कवरी भारत की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि इस बार स्थानीय और इको-फ्रेंडली उत्पादों के प्रति लोगों का रुझान काफी बढ़ा है।
स्थानीय बाजारों में बढ़ी खरीदारों की चहल-पहल
साकची, बिष्टुपुर, जुगसलाई और टेल्को जैसे व्यस्त इलाकों में सुबह से ही ग्राहकों की आवाजाही शुरू हो जाती है। व्यापारी वर्ग भी इस बार बेहतर कारोबार की उम्मीद जता रहा है। मिट्टी के पारंपरिक दीयों के अलावा इस वर्ष बंगाली आर्ट वर्क के दीये और मेटल क्राफ्ट वाले कैंडल होल्डर की विशेष मांग देखी जा रही है।
दीवाली बाजार की मुख्य विशेषताएं
- इको-फ्रेंडली सजावट: गोबर और मिट्टी से बने दीयों के साथ हैंडमेड वॉल हैंगिंग की मांग तेजी पर है।
- डिजाइनर लाइटिंग: वाटरप्रूफ एलईडी लाइट और सोलर पावर्ड झूमर ग्राहकों को खूब लुभा रहे हैं।
- सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था: पुलिस-प्रशासन द्वारा बाजारों में भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है।
प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
डिस्कवरी भारत को प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, त्योहारी सीजन में बाजारों में भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के लिए यातायात व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं। प्रमुख बाजारों के आसपास नो-व्हीकल जोन बनाए गए हैं ताकि खरीदारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खरीदारी के दौरान सुरक्षा मानकों का ध्यान रखें और स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्राथमिकता दें।



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