Press "Enter" to skip to content

जमशेदपुर में 25 हजार सैलरी पर साइबर ठगी कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश

डिस्कवरी भारत ब्यूरो, जमशेदपुर: जमशेदपुर में पुलिस प्रशासन और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एक बड़े अंतरजिला साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। डिस्कवरी भारत को प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह गिरोह बेरोजगार युवाओं को 25 हजार रुपये प्रतिमाह के वेतन पर रखकर साइबर धोखाधड़ी के काले कारोबार में धकेलता था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के कई सदस्यों को धर दबोचा है।

ठगी का तरीका और गिरोह की कार्यप्रणाली

डिस्कवरी भारत की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह हाईटेक तरीकों से लोगों को अपना शिकार बनाता था। गिरोह के सरगना कम उम्र के युवाओं को आकर्षक वेतन का झांसा देकर फर्जी कॉल सेंटर जैसी गतिविधियों में लगाते थे। ये एजेंट बैंक अधिकारी, लॉटरी, डिजिटल अरेस्ट और विभिन्न योजनाओं का झांसा देकर निर्दोष नागरिकों के बैंक खातों से लाखों रुपये उड़ा लेते थे।

  • मासिक वेतन का झांसा: युवाओं को 25 हजार रुपये महीने की फिक्स नौकरी देकर ठगी के काम में लगाया जाता था।
  • भारी मात्रा में सामान बरामद: पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दर्जनों फर्जी सिम कार्ड, स्मार्टफोन, लैपटॉप और कई बैंक पासबुक जब्त की हैं।
  • अंतरजिला नेटवर्क: यह गिरोह केवल जमशेदपुर ही नहीं, बल्कि झारखंड के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्यों में भी अपनी जड़ें फैला चुका था।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच

स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, गिरोह के अन्य सहयोगियों और मुख्य सरगना तक पहुँचने के लिए सघन छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है, जिससे साइबर अपराध के इस नेटवर्क की पूरी श्रृंखला का खुलासा हो सकेगा।

नागरिकों के लिए प्रशासनिक सतर्कता सलाह

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात नंबर से आए फोन कॉल, बैंक खातों की जानकारी मांगने वाले मैसेज या अनधिकृत ऐप से सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पोर्टल पर दें। डिस्कवरी भारत अपने पाठकों से अनुरोध करता है कि अपनी निजी एवं वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

Be First to Comment

    Leave a Reply