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डॉ. श्रीकृष्ण सिन्हा संस्थान में धूमधाम से मनाई गई ‘बिहार केसरी’ डॉ. श्रीकृष्ण सिन्हा की जयंती



जमशेदपुर, 26 अक्टूबर 2026: बिष्टुपुर स्थित डॉ. श्रीकृष्ण सिन्हा संस्थान के सभागार में रविवार शाम ‘बिहार केसरी’ एवं आधुनिक बिहार के निर्माता डॉ. श्रीकृष्ण सिन्हा की जयंती सह जन्म दिवस समारोह का आयोजन किया गया. इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पश्चिमी जमशेदपुर के विधायक श्री सरयू राय थे, जबकि अध्यक्षता संस्थान के संस्थापक एवं संरक्षक डॉ. हरिबल्लभ सिंह ‘आरसी’ ने की.

कार्यक्रम की मुख्य झलकियां

अतिथियों का स्वागत: समारोह की शुरुआत में संस्थान के प्रधानसचिव श्री पवन कुमार ने मुख्य अतिथि श्री सरयू राय को पुष्पगुच्छ भेंट किया. इसके बाद संस्थान के संस्थापक डॉ. हरिबल्लभ सिंह ‘आरसी’ ने मुख्य अतिथि और अन्य विशिष्ट अतिथियों को शॉल, स्मृति चिन्ह एवं पुस्तकें देकर सम्मानित किया.


सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: समारोह का आरंभ विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत वन्दे मातरम और स्वागत गीत के साथ हुआ.


स्वागत वक्तव्य: संस्थान के सचिव एवं आरका जैन विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. डॉ. अंगद तिवारी ने स्वागत भाषण दिया.



‘बिहार केसरी’ के योगदान पर विचार

मुख्य अतिथि विधायक श्री सरयू राय ने अपने संबोधन में कहा कि ‘बिहार केसरी’ श्रीबाबू का योगदान बिहार के लिए सर्वोपरि है. उनका पुस्तकालय यह साबित करता है कि वे एक बड़े अध्ययनशील व्यक्ति थे और किसी का दबाव सहन नहीं करते थे. उन्होंने वर्ष 1937 में कांग्रेस सरकार बनने पर राज्यपाल से राजनीतिक बंदियों को रिहा करने की बात कही थी और ब्रिटिश सरकार द्वारा बात न माने जाने पर तुरंत त्यागपत्र देने का साहसिक कदम उठाया था.

श्री राय ने आगे कहा कि श्रीबाबू के कार्यकाल में बरौनी, सिंदरी, बोकारो जैसे उद्योगों की स्थापना से बिहार आर्थिक रूप से समृद्ध हुआ. उन्होंने जोर दिया कि श्रीबाबू के व्यक्तित्व और कृतित्व पर व्यापक अध्ययन के लिए एक विशेष पाठ्यक्रम की स्थापना होनी चाहिए, क्योंकि उनका ऐतिहासिक व राजनीतिक विस्तार राष्ट्र के विकास के लिए भी आवश्यक है.

वक्ताओं के संबोधन

अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए डॉ. हरिबल्लभ सिंह ‘आरसी’ ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिन्हा ने देश को आजाद कराने के लिए अंग्रेजों से कड़ा संघर्ष किया. उनके समय में ही जमीदारी प्रथा का अंत हुआ और समाज में व्याप्त छुआछूत के खिलाफ ऐतिहासिक कदम उठाते हुए उन्होंने अछूतों को भी बैद्यनाथ धाम में प्रवेश दिलाया. संस्थान के प्रधानसचिव श्री पवन कुमार ने भी श्रीबाबू के औद्योगिक विकास और अछूतोद्धार जैसे कार्यों को बिहार के विकास की रीढ़ बताया.

सम्मान एवं आभार ज्ञापन

कार्यक्रम के अंत में शहर के प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्रों के संपादकों एवं प्रतिनिधियों को संस्थान की ओर से स्मृति चिन्ह और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया. धन्यवाद ज्ञापन संस्थान के सचिव श्री राजीव कुमार ने किया तथा कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. श्यामलाल पांडेय ने किया. इस अवसर पर संस्थान द्वारा संचालित तीनों विद्यालयों के प्राध्यापक, शिक्षक-शिक्षिकाएं और शहर के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे.

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