डिस्कवरी भारत ब्यूरो, जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर के बिष्टुपुर क्षेत्र में 7वें ‘झारखंड राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव’ की भव्य एवं रंगारंग शुरुआत हो चुकी है। इस बहुप्रतीक्षित महोत्सव में देशभर के प्रतिभावान फिल्म निर्माताओं और कलाकारों की रचनाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। उद्घाटन अवसर पर ‘प्रेरणा’ और ‘मिट्टी का सम्मान’ जैसी संदेशप्रद एवं प्रभावकारी फिल्मों का प्रदर्शन किया गया, जिनकी गूंज से पूरा बिष्टुपुर कलामय हो उठा।
सिनेमा और क्षेत्रीय संस्कृति का अनूठा संगम
डिस्कवरी भारत को आयोजन समिति से मिली जानकारी के अनुसार, इस तीन दिवसीय महोत्सव का मुख्य उद्देश्य झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना तथा स्थानीय व राष्ट्रीय सिनेमा को एक साझा मंच प्रदान करना है। बिष्टुपुर स्थित सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में देश भर से आई दर्जनों लघु फिल्मों, वृत्तचित्रों और फीचर फिल्मों की स्क्रीनिंग तय की गई है।
महोत्सव के प्रमुख आकर्षण
- ‘प्रेरणा’ और ‘मिट्टी का सम्मान’: उद्घाटन दिवस पर प्रदर्शित इन फिल्मों ने अपने भावनात्मक और सामाजिक कथानक से दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया।
- स्थानीय प्रतिभाओं का प्रोत्साहन: झारखंड के युवा पटकथा लेखकों, निर्देशकों और अभिनेताओं को इस मंच के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर के दिग्गजों से सीखने का अवसर मिल रहा है।
- विविध विषयों का समावेश: पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण जनजीवन, महिला सशक्तिकरण और लोक संस्कृति पर आधारित फिल्मों को इस बार प्राथमिकता दी गई है।
दर्शकों में भारी उत्साह और अगला कदम
डिस्कवरी भारत की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि महोत्सव को लेकर जमशेदपुर के युवाओं, कला प्रेमियों और बुद्धिजीवियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से शहर की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होती है। आयोजकों ने जानकारी दी है कि आने वाले दिनों में विभिन्न समानांतर सत्रों, कार्यशालाओं और पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय सिनेमा को नई दिशा मिलेगी।



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