डिस्कवरी भारत ब्यूरो, जमशेदपुर: शारदीय नवरात्रि की महासप्तमी तिथि पर लौहनगरी जमशेदपुर के विभिन्न पूजा पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। नवपत्रिका प्रवेश और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ही पंडालों के पट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। माता के जयकारों और पारंपरिक ढाक की गूंज से शहर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है।
वैदिक रीति-रिवाज से हुआ नवपत्रिका प्रवेश
डिस्कवरी भारत को मिली जानकारी के अनुसार, महासप्तमी की सुबह जलाशयों से पवित्र जल लाकर और नवपत्रिका (केले के वृक्ष एवं अन्य आठ पौधों का समूह) को स्नान कराकर पंडालों में स्थापित किया गया। इसके बाद पूरे विधि-विधान के साथ देवी की प्राण-प्रतिष्ठा पूजा संपन्न हुई। साकची, बिष्टुपुर, कदमा, सोनारी और गोलमुरी सहित तमाम प्रमुख दुर्गा पूजा कमेटियों ने विशेष महाआरती का आयोजन किया, जिसमें हजारों की संख्या में भक्त शामिल हुए।
सप्तमी पूजन की मुख्य विशेषताएं
- पट खुलते ही उमड़ी भीड़: सुबह महापूजा के बाद दोपहर होते-होते पंडालों के बाहर दर्शनार्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
- आकर्षक विद्युत सज्जा: जमशेदपुर के प्रमुख पंडालों को भव्य लाइटों और आधुनिक थीम-आधारित कलाकृतियों से सजाया गया है।
- सुरक्षा के कड़े इंतजाम: भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल और वालंटियर्स तैनात किए गए हैं।
- भोग वितरण की शुरुआत: महासप्तमी की पूजा के उपरांत कई प्रमुख पंडालों में श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।
प्रशासनिक व्यवस्था और श्रद्धालुओं का उत्साह
डिस्कवरी भारत की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से त्योहार के दौरान यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत किया गया है। शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में बड़े वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है, ताकि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
पूजा समितियों ने श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण माहौल में दर्शन करने और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। महाअष्टमी और महानवमी पर भीड़ में और अधिक बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा सीसीटीवी निगरानी और कंट्रोल रूम के जरिए सुरक्षा पर पैनी नजर रखी जा रही है।



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