Press "Enter" to skip to content

जमशेदपुर: दुर्गा पूजा के लिए JSPCB की नई गाइडलाइंस जारी

डिस्कवरी भारत ब्यूरो, जमशेदपुर: जमशेदपुर में आगामी दुर्गा पूजा उत्सव को पर्यावरण-अनुकूल और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (JSPCB) ने पूजा समितियों के लिए कड़े नियम व दिशानिर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पूजा पंडालों में साफ-सफाई, प्लास्टिक प्रतिबंध और नदियों में विसर्जन के दौरान प्रदूषण नियंत्रण मानकों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा।

पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता पर विशेष जोर

डिस्कवरी भारत को प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, JSPCB ने सभी पूजा समितियों को अपने पंडाल परिसरों में पर्याप्त संख्या में हरे और नीले रंग के डस्टबिन लगाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, एकल-उपयोग (सिंगल यूज) प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। श्रद्धालुओं और आयोजकों को केवल बायोडिग्रेडेबल व पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

प्रतिमा विसर्जन के लिए तय किए गए सख्त मानक

स्थानीय प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, विसर्जन प्रक्रिया को प्रदूषण-मुक्त बनाने के लिए निम्नलिखित मुख्य नियम तय किए गए हैं:

  • प्रतिमाओं के निर्माण में केवल प्राकृतिक रंगों और मिट्टी का प्रयोग किया जाएगा। सिंथेटिक या रासायनिक रंगों के इस्तेमाल पर पूर्ण रोक रहेगी।
  • नदियों और प्राकृतिक जल स्रोतों को दूषित होने से बचाने के लिए निर्दिष्ट विसर्जन स्थलों पर विशेष व्यवस्था की जाएगी।
  • पंडालों में प्रयुक्त सजावटी सामग्री और ठोस कचरे को विसर्जन से पहले अलग करके नगर निगम के कचरा प्रबंधन तंत्र को सौंपना होगा।
  • ध्वनि प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल हेतु तय समय सीमा और डेसिबल मानकों का अनुपालन अनिवार्य है।

प्रशासन की अपील और अनुपालन निगरानी

डिस्कवरी भारत की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि जिला प्रशासन और JSPCB की संयुक्त टीमें पूजा के दौरान शहर के विभिन्न पंडालों का औचक निरीक्षण करेंगी। नियमों का उल्लंघन करने वाली समितियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। बोर्ड ने सभी पूजा कमेटियों से अपील की है कि वे धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

Be First to Comment

    Leave a Reply

    Discover more from DISCOVERY BHARAT

    Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

    Continue reading