डिस्कवरी भारत ब्यूरो, जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिले में एचआईवी संक्रमण के मामलों में हुई बढ़ोतरी ने प्रशासनिक और स्वास्थ्य महकमे की चिंता बढ़ा दी है। जिले में अब तक 3,410 लोगों के एचआईवी संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को त्वरित कार्रवाई करते हुए घर-घर जाकर विशेष जांच अभियान चलाने के कड़े आदेश दिए हैं।
प्रशासन की सख्ती और स्वास्थ्य विभाग के निर्देश
डिस्कवरी भारत को प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान यह आंकड़े सामने आए। इसके बाद उपायुक्त ने निर्देश दिया कि हाई-रिस्क जोन और संवेदनशील बस्तियों की पहचान कर वहां डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग कराई जाए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छिपे हुए मामलों की पहचान करना और समय रहते उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
जांच अभियान और मुख्य रणनीतियां
- कुल संक्रमित मामले: जिले में वर्तमान में 3,410 पंजीकृत एचआईवी पीड़ित हैं, जिनका इलाज जारी है।
- डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग: एएनएम, सहिया और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की विशेष टीमों को घर-घर जांच का जिम्मा सौंपा जाएगा।
- निःशुल्क एआरटी उपचार: सभी मरीजों को एआरटी केंद्रों के माध्यम से दवाएं और नियमित परामर्श प्रदान किया जा रहा है।
- जागरूकता शिविर: संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों में तेजी लाई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी और प्रशासनिक मंशा
स्थानीय प्रशासनिक और स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस अभियान के तहत जांच के साथ-साथ भ्रांतियों को दूर करने पर भी जोर दिया जाएगा। डिस्कवरी भारत की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि एचआईवी से जुड़े सामाजिक संकोच को खत्म करने के लिए गोपनीय परामर्श केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का सहयोग करें और किसी भी प्रकार के लक्षण या आशंका होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क जांच कराएं।


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