डिस्कवरी भारत ब्यूरो, जमशेदपुर: जमशेदपुर के बहुचर्चित हिमांशु हत्याकांड और वारदात के दौरान पुलिसकर्मियों पर हुए जानलेवा हमले के मामले में कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। मामले की जांच को तार्किक अंजाम तक पहुंचाने और आरोपियों की सटीक पहचान स्थापित करने के उद्देश्य से घाघीडीह केंद्रीय कारागार में टेस्ट आइडेंटिफिकेशन (टीआई) परेड का आयोजन किया गया।
घटनाक्रम और प्रशासनिक कार्रवाई
डिस्कवरी भारत की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि हिमांशु की हत्या की सूचना मिलने के बाद जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी, तब उपद्रवियों ने पुलिस बल पर ही हमला कर दिया था। इस हमले में कुछ पुलिसकर्मी चोटिल हो गए थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। साक्ष्यों को मजबूत करने के लिए अब न्यायिक प्रक्रिया के तहत टीआई परेड कराई गई है।
टीआई परेड की मुख्य बातें
- न्यायिक अधिकारी की देखरेख में घाघीडीह जेल परिसर में पहचान परेड संपन्न हुई।
- घटना के समय मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित पक्ष के गवाहों को पहचान के लिए बुलाया गया था।
- हमले में घायल हुए पुलिसकर्मियों ने भी आरोपियों की पहचान प्रक्रिया में हिस्सा लिया।
कड़ी सजा दिलाने की तैयारी
स्थानीय पुलिस और अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, पुलिस बल पर हमला करने और शहर का माहौल खराब करने वाले तत्वों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए जा रहे हैं। डिस्कवरी भारत को प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस जल्द से जल्द इस मामले में अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल करेगी ताकि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।



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