डिस्कवरी भारत ब्यूरो, जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की सड़कों, तंग गलियों और प्रमुख चौक-चौराहों को अब सौर ऊर्जा आधारित एलईडी लाइटों से रोशन करने की कवायद तेज कर दी गई है। बुनियादी ढाँचे में सुधार और हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस परियोजना के पूरे होने से न केवल शहर की पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होगी, बल्कि रात के समय सड़कों पर सुरक्षा का माहौल भी बेहतर होगा।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं और योजना
डिस्कवरी भारत को प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत उन दूर-दराज और अंदरूनी इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी जहाँ अक्सर अंधेरा रहता है या पारंपरिक स्ट्रीट लाइटें खराब रहती हैं। सोलर एलईडी लाइटें लगाने का कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
- ऊर्जा की बचत: सौर ऊर्जा आधारित होने के कारण पारंपरिक बिजली की खपत में भारी कमी आएगी।
- स्वचालित तकनीक: ये लाइटें आधुनिक सेंसर से लैस होंगी, जो शाम ढलते ही अपने आप जल उठेंगी और सुबह सूर्योदय के साथ बंद हो जाएंगी।
- सुरक्षा में वृद्धि: अंधेरे वाले चौराहों और गलियों में रोशनी होने से आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और हादसों में कमी आएगी।
- स्थायी समाधान: पावर कट या ग्रिड फेल्योर के बावजूद गलियों में निर्बाध रोशनी बनी रहेगी।
स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रिया और प्रशासनिक रुख
डिस्कवरी भारत की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि क्षेत्र के निवासी इस कदम से बेहद उत्साहित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य चौराहों और गलियों में रोशनी की बेहतर व्यवस्था होने से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को रात के समय आवागमन में काफी सहूलियत होगी।
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, लाइटों के समुचित रखरखाव के लिए एक विशेष टीम का भी गठन किया जाएगा, ताकि किसी भी खराबी की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का लक्ष्य आगामी कुछ हफ्तों के भीतर चिन्हित प्रमुख स्थलों पर इन सोलर लाइटों को स्थापित कर चालू करने का है।


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