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गढ़वा में मिला पुराना संदूक, 40 परिवारों ने ठोका दावा

डिस्कवरी भारत ब्यूरो, झारखंड: झारखंड के गढ़वा जिले में जमीन की खुदाई के दौरान एक रहस्यमयी लोहे का संदूक निकलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। संदूक मिलने की खबर जंगल की आग की तरह फैली और देखते ही देखते मौके पर 40 से अधिक परिवारों ने इस पर अपना दावा ठोक दिया है। स्थिति को अनियंत्रित होते देख स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

खुदाई के दौरान मिला पुराना संदूक

डिस्कवरी भारत को प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गढ़वा के एक ग्रामीण क्षेत्र में निर्माण कार्य के लिए जमीन की खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान मजदूरों का फावड़ा एक सख्त लोहे की धातु से टकराया। गहराई से खोदने पर वहां से एक प्राचीन शैली का बड़ा लोहे का संदूक बरामद हुआ। संदूक पर भारी ताला लगा हुआ है, जिससे इसके भीतर कीमती वस्तुएं या ऐतिहासिक दस्तावेज होने की आशंका जताई जा रही है।

दावेदारी को लेकर ग्रामीणों में मचा घमासान

संदूक मिलते ही इलाके के पुराने जमींदारों और रैयतों के वंशज वहां एकत्र हो गए। डिस्कवरी भारत की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि लगभग 40 परिवारों ने इस संदूक को अपने पूर्वजों की धरोहर बताते हुए इस पर अपना अधिकार जताया है। ग्रामीणों का तर्क है कि दशकों पूर्व उनके पूर्वजों ने विषम परिस्थितियों में अपनी संपत्ति को जमीन के अंदर छिपाकर रखा था।

घटना से जुड़े मुख्य बिंदु

  • स्थान: गढ़वा जिला, झारखंड।
  • बरामदगी: जमीन की खुदाई के दौरान तालाबंद लोहे का प्राचीन संदूक मिला।
  • विवाद: 40 से अधिक स्थानीय परिवारों ने संदूक पर मालिकाना हक का दावा किया।
  • कार्रवाई: पुलिस और पुरातत्व विभाग को सूचना देकर संदूक को सुरक्षित कब्जे में लिया गया।

प्रशासन की अपील और आगे की कार्रवाई

स्थानीय पुलिस और अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, संदूक को फिलहाल सुरक्षा के दृष्टिगत स्थानीय थाने में सुरक्षित रखवा दिया गया है। जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेट और पुरातत्व विभाग की मौजूदगी में संदूक को खोलने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। कानून के अनुसार, जमीन से निकली ऐतिहासिक या लावारिस संपत्ति पर सरकारी नियमों के तहत ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।

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