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औद्योगिक विकास के लिए नवाचार व तालमेल जरूरी: शेखर डे

डिस्कवरी भारत ब्यूरो, जमशेदपुर: वर्तमान दौर में औद्योगिक विकास को गति देने और व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए उद्योग और शिक्षा जगत के बीच मजबूत तालमेल और नवाचार (इनोवेशन) की सख्त जरूरत है। यह विचार श्रीलेदर्स के वरिष्ठ उद्योगपति शेखर डे ने व्यक्त किए। वह बिष्टुपुर स्थित एक निजी होटल में एनआईटी जमशेदपुर (NIT Jamshedpur) द्वारा आयोजित ‘मिनी इंडस्ट्री-अकादमिया कॉन्क्लेव 2026’ को संबोधित कर रहे थे।

शोध और नवाचार से सशक्त होंगे स्थानीय उद्योग

इस कॉन्क्लेव का मुख्य विषय ‘रिसर्च, इनोवेशन, टेस्टिंग और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के माध्यम से उद्योगों का सशक्तिकरण’ रखा गया था। कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य एनआईटी जमशेदपुर की शोध क्षमताओं और तकनीकी दक्षता को स्थानीय तथा राष्ट्रीय स्तर के उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना था।

दिग्गज औद्योगिक घरानों की रही सक्रिय भागीदारी

इस विशेष आयोजन में क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों के लगभग 55 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। डिस्कवरी भारत को मिली जानकारी के अनुसार, इस सम्मेलन में टाटा स्टील (Tata Steel), जेएसडब्ल्यू (JSW), आरएसबी ट्रांसमिशन (RSB Transmission) और वेदांता (Vedanta) जैसी प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने अपनी तकनीकी समस्याओं, अपेक्षाओं और उन क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की, जहां संस्थान से सहयोग की उम्मीद है।

  • भागीदारी: टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू और वेदांता समेत 55 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए।
  • तकनीकी विमर्श: उद्योगों की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए संयुक्त शोध पर सहमति बनी।
  • तकनीकी हस्तांतरण: संस्थान की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और टेस्टिंग सुविधाओं का लाभ उद्योगों को मिलेगा।

शिक्षा और उद्योग जगत के बीच स्थायी साझेदारी पर जोर

एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार ने उद्योग और संस्थान के बीच निरंतर जुड़ाव की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि एनआईटी अपनी उन्नत परीक्षण सुविधाओं, तकनीकी विशेषज्ञता और शोध क्षमता के माध्यम से स्थानीय व क्षेत्रीय उद्योगों को हर संभव सहयोग प्रदान करता रहेगा।

वहीं, डीन (रिसर्च एंड कंसल्टेंसी) प्रो. सतीश कुमार ने व्यवस्थित जुड़ाव और संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के साझा प्रयासों से वास्तविक दुनिया की कई जटिल औद्योगिक चुनौतियों का स्थायी और प्रभावी समाधान निकाला जा सकता है।

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