JHARKHAND

दावोस 2026: वैश्विक मंच पर गूंजा झारखंड का ‘जो हार’, ₹11,000 करोड़ के निवेश समझौतों पर लगी मुहर

दावोस/रांची: झारखंड ने अपने गठन के 25वें वर्ष में विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) के मंच पर ऐतिहासिक पदार्पण किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दावोस की बर्फीली वादियों में वैश्विक निवेशकों के सामने ‘झारखंड विजन 2050’ पेश किया। इस दौरे की सबसे बड़ी उपलब्धि टाटा स्टील के साथ हुआ ₹11,000 करोड़ का ‘ग्रीन स्टील’ समझौता रहा।

मुख्य उपलब्धियां और समझौते (Key Highlights)

टाटा स्टील के साथ ₹11,000 करोड़ का निवेश

झारखंड सरकार और टाटा स्टील के बीच एक महत्वपूर्ण सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत:
ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी: टाटा स्टील झारखंड में अत्याधुनिक ‘न्यू एज ग्रीन स्टील’ तकनीक पर निवेश करेगी।
परियोजनाएं: इसमें ₹7,000 करोड़ का हिसारना (Hirsana) प्रोजेक्ट, ₹1,500 करोड़ की कॉम्बी मिल और ₹2,600 करोड़ का टिनप्लेट विस्तार शामिल है।
तकनीकी सहयोग: नीदरलैंड और जर्मनी की तकनीक का उपयोग कर पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन किया जाएगा।
2. सीएम हेमंत सोरेन को मिला ‘व्हाइट बैज’ (White Badge)
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उनके नेतृत्व और विजन के लिए ‘व्हाइट बैज’ से सम्मानित किया। यह सम्मान पाने वाले वह झारखंड के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। इसके साथ ही कल्पना सोरेन को ‘WEF बैज’ प्रदान किया गया, जो आदिवासी नेतृत्व को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिलने का प्रतीक है।
3. अन्य देशों और कंपनियों के साथ चर्चा
स्वीडन के साथ शहरी परिवहन: स्वीडन की कंपनियों के साथ झारखंड के शहरों में आधुनिक परिवहन व्यवस्था (Urban Transport) को लेकर चर्चा हुई। अप्रैल में इसके लिए राउंड टेबल मीटिंग प्रस्तावित है।
ब्लूमबर्ग और हिताची: ब्लूमबर्ग एशिया-पैसिफिक की एमडी सुनीता राजन और हिताची के अधिकारियों के साथ डिजिटल बुनियादी ढांचे और ऊर्जा समाधानों पर विस्तृत बातचीत हुई।
“खनिज से विकास की ओर” – मुख्यमंत्री का संबोधन
सीएम हेमंत सोरेन ने वैश्विक मंच पर कहा:
“झारखंड अब सिर्फ एक खनन राज्य नहीं रहा। हम इसे एक वैल्यू-ऐडेड इकोनॉमी (Value-Added Economy) में बदल रहे हैं। हमारा लक्ष्य हरित औद्योगिकीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा और रोजगार सृजन को संतुलित करना है।”
रोजगार के नए अवसर
इन समझौतों से झारखंड में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। विशेष रूप से जमशेदपुर और औद्योगिक क्षेत्रों में नई तकनीक के आने से स्किल्ड मैनपावर की मांग बढ़ेगी।

One thought on “दावोस 2026: वैश्विक मंच पर गूंजा झारखंड का ‘जो हार’, ₹11,000 करोड़ के निवेश समझौतों पर लगी मुहर

  • C K Pathak

    It’s very good sign.

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