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श्री साई सेंटर में दिव्य आध्यात्मिक संध्या 20 जनवरी को पूज्य डॉ चंद्रभानु सत्पथी गुरुजी का आगमन



जमशेदपुर
श्री साई सेंटर जमशेदपुर में एक बार फिर आध्यात्मिक चेतना और श्रद्धा का अनुपम संगम देखने को मिलेगा। दिनांक 20 जनवरी 2026 को सायं 6 बजे पूज्य डॉ चंद्रभानु सत्पथी गुरुजी का पावन आगमन श्री साई सेंटर में हो रहा है। इस अवसर को लेकर श्रद्धालुओं और साईं भक्तों में विशेष उत्साह और उल्लास का वातावरण है।

इस महत्वपूर्ण आयोजन की जानकारी देने के उद्देश्य से श्री साई सेंटर परिसर में एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष श्री एस के बेहेरा, सचिव श्री अमरेश सिन्हा सहित संस्था के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री एस के बेहेरा ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की तथा श्री साई सेंटर द्वारा नियमित रूप से किए जा रहे धार्मिक एवं सेवा कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल पूजा पाठ तक सीमित न होकर समाज के हर वर्ग तक सेवा और साईं बाबा के संदेश को पहुंचाना है।

उल्लेखनीय है कि श्री साई सेंटर की पावन प्राण प्रतिष्ठा 28 अक्टूबर 2012 को स्वयं पूज्य गुरुजी के कर कमलों द्वारा विधिवत रूप से संपन्न हुई थी। वर्षों बाद उनका पुनः आगमन साईं भक्तों के लिए एक दुर्लभ और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

कार्यक्रम का विस्तृत विवरण
पूज्य गुरुजी का आगमन सायं 6 बजे होगा। इसके पश्चात 6 बजकर 15 मिनट पर विधिवत पूजा संपन्न कराई जाएगी। सायं 6 बजकर 45 मिनट पर भक्तिमय नृत्य प्रस्तुति होगी। वहीं 7 बजकर 10 मिनट से भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन 7 बजकर 45 मिनट पर भोग प्रसाद के साथ होगा।

श्रद्धा और सेवा का संदेश देने वाले गुरुजी
पूज्य डॉ चंद्रभानु सत्पथी गुरुजी शिरडी साईं बाबा के श्रद्धा और सबूरी के संदेश के प्रमुख संवाहक माने जाते हैं। उनकी शिक्षाएं पवित्रता आत्मसंयम विनम्रता और निःस्वार्थ सेवा जैसे मूल्यों को जीवन में उतारने की प्रेरणा देती हैं। सरल और व्यावहारिक शैली में दिया गया उनका मार्गदर्शन आत्मिक उन्नति के साथ साथ नैतिक और संतुलित जीवन की दिशा भी दिखाता है।

प्रशासन से आध्यात्म तक की प्रेरक यात्रा
एक शिक्षाविद और प्रशासक परिवार में जन्मे गुरुजी ने वर्ष 1972 में भारतीय पुलिस सेवा के अंतर्गत उत्तर प्रदेश कैडर से अपने प्रशासनिक जीवन की शुरुआत की। उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं देने के बाद वे वर्ष 2008 में पुलिस महानिदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए। अपने विशिष्ट सेवाकाल के दौरान उन्हें राष्ट्रपति द्वारा पुलिस वीरता पदक दीर्घ एवं सराहनीय सेवा पदक तथा विशिष्ट सेवा पदक जैसे सम्मान प्राप्त हुए।

प्रशासनिक जिम्मेदारियों से परे गुरुजी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रतिष्ठित आध्यात्मिक चिंतक लेखक समाजसेवी और मानवतावादी के रूप में विख्यात हैं। उनके कार्य धर्म जाति लिंग और सामाजिक सीमाओं से ऊपर उठकर मानव कल्याण को समर्पित हैं।

सम्मान और उपलब्धियां
गुरुजी को श्री गोविंद नारायण सम्मान श्री गुरु भागवत सम्मान बाबा बैद्यनाथ संगीता रत्न दिव्य संगीता शिरोमणि तथा ओड़िया आध्यात्मिक साहित्य में योगदान के लिए महापुरुष जगन्नाथ दास सम्मान जैसे अनेक प्रतिष्ठित अलंकरण प्राप्त हुए हैं।

श्री साई सेंटर की सेवा गतिविधियां
श्री साई सेंटर में प्रतिदिन पूजा और आरती सत्यनारायण कथा होली और राम नवमी का सामूहिक उत्सव अन्नदान कार्यक्रम तथा निःशुल्क चिकित्सा शिविर जैसी जनकल्याणकारी गतिविधियां नियमित रूप से संचालित की जाती हैं।

पूज्य गुरुजी का यह आगमन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज को सेवा समर्पण और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला एक दिव्य अवसर भी है।

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