
SIR Jharkhand: झारखंड में SIR से पहले चुनाव आयोग की बड़ी तैयारी: 28 जनवरी से शुरू होगा BLA-2 का महा-प्रशिक्षण
रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने अपना एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने राज्य के सभी जिलों को निर्देश जारी करते हुए 28 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक बूथ लेवल एजेंटों (BLA-2) के अनिवार्य प्रशिक्षण का शेड्यूल तय कर दिया है।
क्या है चुनाव आयोग का मास्टर प्लान?
निर्वाचन आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची से अशुद्धियों को पूरी तरह समाप्त करना है। इसके लिए राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (BLA) की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
निर्वाचन आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची से अशुद्धियों को पूरी तरह समाप्त करना है। इसके लिए राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (BLA) की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रशिक्षण की अवधि: 28 जनवरी 2026 से 6 फरवरी 2026 तक।
प्रशिक्षण का स्तर: यह प्रशिक्षण निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) या सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) के स्तर पर दिया जाएगा।
अनिवार्य भागीदारी: सभी BLA-2 का इस प्रशिक्षण में शामिल होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, यदि राजनीतिक दल चाहें तो BLA-1 भी इस सत्र का हिस्सा बन सकते हैं।
क्यों खास है यह ट्रेनिंग?
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाना है। इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के एजेंटों को ट्रेंड करने के पीछे मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
नामों की शुद्धता: मृत या शिफ्ट हो चुके मतदाताओं के नाम हटाने में पारदर्शिता लाना।
नए मतदाताओं का पंजीकरण: 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर छूटे हुए पात्र नागरिकों का नाम जोड़ना।
विवादों का निपटारा: ग्राउंड लेवल पर ही दावों और आपत्तियों का समाधान करना ताकि बाद में अपील की नौबत न आए।
जिलों को मिले कड़े निर्देशमुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण के लिए राज्य स्तर से पीपीटी (PPT) और पूरी रूप-रेखा सभी जिलों को उपलब्ध करा दी जाएगी। जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी बूथ लेवल एजेंट बिना प्रशिक्षण के न रहे, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।
